राजा रवि वर्मा
पाठ्यक्रम: GS1 / कला एवं संस्कृति
संदर्भ
- राजा रवि वर्मा की पेंटिंग यशोदा और कृष्ण ₹167.2 करोड़ में सफ्रोनआर्ट द्वारा आयोजित नीलामी में बेची गई, जो भारतीय कला के लिए एक रिकॉर्ड है।
- यह पेंटिंग 1890 के दशक में बनाई गई थी, जब रवि वर्मा अपने कलात्मक करियर के शिखर पर थे।
राजा रवि वर्मा के बारे में
- जन्म: 1848, किलिमानूर (वर्तमान केरल)
- आधुनिक भारतीय कला के अग्रदूत माने जाते हैं, जिन्होंने भारतीय विषयों में यूरोपीय यथार्थवाद को प्रस्तुत किया।
- त्रावणकोर शाही परिवार सहित कई राजवंशों के संरक्षण में कार्य किया।
प्रमुख योगदान एवं विरासत
- दैवीय का मानवीकरण: हिंदू देवी-देवताओं को यथार्थवादी मानवीय रूप में चित्रित करने वाले पहले भारतीय कलाकारों में से एक।
- कला का लोकतंत्रीकरण: 1894 में बॉम्बे में रवि वर्मा फाइन आर्ट्स लिथोग्राफिक प्रेस की स्थापना की, जिसने बाद में मलावली (लोनावाला) में स्थानांतरित होकर लक्ष्मी और सरस्वती जैसे देवी-देवताओं के रंगीन चित्र प्रकाशित किए।
- प्रसिद्ध कलाकृतियाँ: हंस दमयंती, शकुंतला, जटायु वधम्, लेडी इन द मूनलाइट आदि।
स्रोत: TH
कर साथी
पाठ्यक्रम: GS3 / अर्थव्यवस्था
संदर्भ
- आयकर विभाग ने कर साथी नामक एआई-सक्षम डिजिटल चैटबॉट प्लेटफ़ॉर्म लॉन्च किया है, जो नए आयकर अधिनियम 2025 के ढाँचे के अंतर्गत प्रत्यक्ष कर मामलों पर 24×7 मार्गदर्शन प्रदान करता है।
परिचय
- ITR दाखिल करने, कर प्रावधानों, प्रपत्रों, नोटिसों, कटौतियों, रिफंड और अनुपालन से संबंधित प्रश्नों पर निरंतर सहायता।
- प्रत्यक्ष कर से संबंधित सभी संसाधन (प्रपत्र, चालान, ई-भुगतान, ई-सत्यापन, FAQs) एक ही मंच पर उपलब्ध।
- करदाताओं की शिकायत निवारण और अनुपालन प्रश्नों का समाधान।
महत्व
- भारत की एआई-आधारित डिजिटल शासन व्यवस्था की व्यापक पहल का हिस्सा।
- आयकर अधिनियम 2025 में सुगम संक्रमण को सुनिश्चित करता है।
स्रोत: TH
E20 पेट्रोल
पाठ्यक्रम: GS3 / पर्यावरण
संदर्भ
- भारत ने 1 अप्रैल 2025 से सभी ईंधन स्टेशनों पर E20 पेट्रोल की अनिवार्य राष्ट्रीय स्तर पर शुरुआत की है।
परिचय
- यह भारत के एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मूल लक्ष्य 2030 तक 20% मिश्रण का था, जिसे संशोधित राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति (2022) के अंतर्गत 2025 तक अग्रिम कर दिया गया।
- इस आदेश को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा संयुक्त रूप से लागू किया जा रहा है।
- एथेनॉल एक जैव ईंधन है, जो कृषि उपज जैसे गन्ना, मक्का, क्षतिग्रस्त खाद्यान्न और अधिशेष चावल से प्राप्त होता है। इसे किण्वन एवं आसवन प्रक्रिया से तैयार किया जाता है।
- E20 पेट्रोल का ऑक्टेन रेटिंग लगभग 95 RON है, जबकि सामान्य पेट्रोल का 91–92 RON होता है, जिससे इंजन का दहन अधिक सुचारु और एंटी-नॉक प्रदर्शन बेहतर होता है।
महत्व
- ऊर्जा सुरक्षा: कच्चे तेल आयात पर निर्भरता कम करता है। भारत अपनी तेल आवश्यकता का 85% से अधिक आयात करता है, जिससे वैश्विक मूल्य आगह्तों और आपूर्ति व्यवधानों के प्रति संवेदनशील है।
- कृषि संबंध: एथेनॉल उत्पादन करने वाली फसलों की स्थायी मांग उत्पन्न करता है, जिससे गन्ना और मक्का किसानों को सीधा आय समर्थन मिलता है।
- जलवायु प्रतिबद्धताएँ: जैव ईंधन मिश्रण शुद्ध जीवनचक्र कार्बन उत्सर्जन को कम करता है, जो पेरिस समझौते के अंतर्गत भारत के NDC लक्ष्यों के अनुरूप है।
स्रोत: TH
भारत में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का विस्तार
पाठ्यक्रम: GS3 / ऊर्जा
संदर्भ
- भारत आयात निर्भरता कम करने, ऊर्जा सुरक्षा सुधारने और स्वच्छ ईंधन मिश्रण की ओर संक्रमण हेतु पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शनों के विस्तार को तीव्रता से आगे बढ़ा रहा है।
गैसों के प्रकार
- तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG):
- संरचना: प्रोपेन और ब्यूटेन।
- अवस्था एवं भंडारण: मध्यम दबाव में सिलेंडरों में तरल रूप में संग्रहीत।
- उपयोग: घरेलू खाना पकाने, जल गर्म करने और छोटे औद्योगिक अनुप्रयोगों में।
- विशेषता: वायु से भारी; रिसाव होने पर भूमि पर जमा होती है।
- पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG):
- संरचना: मुख्यतः मीथेन।
- अवस्था एवं भंडारण: भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से गैस रूप में आपूर्ति।
- उपयोग: घरेलू रसोई, वाणिज्यिक खाना पकाने और उद्योगों में।
- विशेषता: सतत आपूर्ति; सिलेंडर भंडारण की आवश्यकता नहीं।
- संपीड़ित प्राकृतिक गैस (CNG):
- संरचना: मुख्यतः मीथेन।
- अवस्था एवं भंडारण: उच्च दबाव (200–250 बार) में टैंकों में संपीड़ित।
- उपयोग: वाहनों (कार, बस, ऑटो) और निम्न दबाव औद्योगिक बर्नरों में।
- विशेषता: पेट्रोल/डीज़ल की तुलना में अधिक स्वच्छ दहन।
- तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG):
- संरचना: मुख्यतः मीथेन।
- अवस्था एवं भंडारण: लगभग –160°C पर ठंडा कर तरल रूप में परिवर्तित, लंबी दूरी तक समुद्री परिवहन हेतु।
- उपयोग: प्राकृतिक गैस का लंबी दूरी तक परिवहन, विद्युत उत्पादन।
- विशेषता: आयतन 600 गुना कम हो जाता है, जिससे थोक भंडारण आसान होता है।
भारत का PNG की ओर प्रवृति
- आयात निर्भरता में कमी: भारत अपनी LPG आवश्यकता का लगभग 60% आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है और होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसी आपूर्ति मार्ग भू-राजनीतिक रूप से संवेदनशील हैं।
- इसके विपरीत, LNG कई वैश्विक आपूर्तिकर्ताओं से प्राप्त की जा सकती है, जिससे विविधीकरण बढ़ता है।
- आर्थिक दक्षता: PNG सिलेंडर परिवहन और भंडारण से जुड़ी लॉजिस्टिक लागत समाप्त करता है।
- LPG की तुलना में मूल्य अधिक स्थिर रह सकता है, क्योंकि LPG वैश्विक तेल कीमतों के प्रति संवेदनशील है।
- पर्यावरणीय लाभ: प्राकृतिक गैस LPG की तुलना में अधिक स्वच्छ दहन करती है, जिससे प्रदूषक और ग्रीनहाउस गैसें कम उत्पन्न होती हैं।
स्रोत: TH
भारत का बहु-आपदा प्रारंभिक चेतावनी निर्णय समर्थन प्रणाली (MHEW-DSS)
पाठ्यक्रम: GS3 / आपदा प्रबंधन
संदर्भ
- भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) को 2025 में राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार उसके स्वदेशी रूप से विकसित बहु-आपदा प्रारंभिक चेतावनी निर्णय समर्थन प्रणाली (MHEW-DSS) के लिए प्रदान किया गया।
MHEW-DSS क्या है?
- 2024 में लॉन्च किया गया, यह एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है जो महत्वपूर्ण मौसम पूर्वानुमान प्रक्रियाओं में निर्णय-निर्माण को स्वचालित करता है और जनता, सरकार, गैर-सरकारी एजेंसियों तथा विशिष्ट हितधारकों को पूर्वानुमान एवं चेतावनी सेवाएँ प्रदान करता है।
- मिशन मौसम के अंतर्गत विकसित इस प्रणाली ने मौसम डेटा प्रसंस्करण का 90% स्वचालित कर दिया है और पूर्वानुमान की सटीकता में 30% सुधार किया है, साथ ही तैयारी समय को छह घंटे से घटाकर तीन घंटे कर दिया है।
- यह उपग्रहों, राडारों, भू-आधारित और उच्च वायु सेंसरों से प्राप्त वास्तविक समय डेटा को एक केंद्रीकृत GIS-सक्षम प्लेटफ़ॉर्म में एकीकृत करता है, जिससे पुरानी मैनुअल प्रक्रियाओं का स्थान लिया गया है।

क्या आप जानते हैं?
- IMD की स्थापना 1875 में हुई थी और उसने 2025 में अपनी 150वीं वर्षगाँठ पूरी की।
- IMD पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
- भारत उत्तरी हिंद महासागर के लिए क्षेत्रीय विशेषीकृत मौसम विज्ञान केंद्र (RSMC) है, जो चक्रवात ट्रैकिंग और नामकरण के लिए उत्तरदायी है।
- मिशन मौसम वह व्यापक ढाँचा है जिसके अंतर्गत MHEW-DSS विकसित किया गया।
- सेन्डाई फ्रेमवर्क फॉर डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन 2015–2030 एक गैर-बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय समझौता है, जिसे 18 मार्च 2015 को जापान के सेन्दाई में आयोजित तीसरे UN विश्व सम्मेलन में अपनाया गया।
- यह 15 वर्ष की अवधि (2015–2030) के लिए देशों को आपदा जोखिम कम करने, लचीलापन बनाने और विकास लाभों की रक्षा करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान करता है।
स्रोत: TH
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